आजकल हमारे हिंदी फ़िल्मी निर्माता - निर्देशकों पर गाइड को फिल्म का मुख्य किरदार बनाने में ज्यादा दिलचस्पी है। पिछले साल २०१६ में यशराज बैनर की फिल्म आयी थी "बेफ़िक्रे। आदित्य चोपड़ा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अभिनेत्री वानी कपूर पेरिस में आने वाले पर्यटकों को पेरिस घुमाती थी यानि पेरिस में गाइड बनी थी और यहीं उनकी मुलाकात रनवीर सिंह से होती है खैर फिल्म की कहानी क्या थी और उसका क्या हाल हुआ था सभी जानते हैं।
ऐसे ही गाइड के किरदार वाली फिल्म "जब हैरी मेट सेजल" भी आज ही रिलीज़ हुई है इस फिल्म में भी शाहरुख़ खान गाइड बने हैं. इस फिल्म में वानी से बेहतर जॉब मिली है शाहरुख़ खान को। जहाँ वानी सिर्फ पेरिस की गाइड थी वहीं शाहरुख़ यूरोप के गाइड बने हैं। फिल्म "जब हैरी मेट सेजल"में भी शाहरुख़ सेजल यानि अनुष्का को यूरोप घुमाते है और आख़िरी में दोनों को मोहब्बत हो जाती है। पर शायद दर्शकों को इस फिल्म से ज्यादा मोहब्बत न हो।
२०१३ में भी एक फिल्म आयी थी "शुद्ध देसी रोमांस " इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत गाइड बने थे। यशराज की ही थी यह फिल्म भी. कुछ - कुछ कहानी भी "बेफ़िक्रे" जैसी ही थी। कुछ भी शुद्ध और देसी नहीं था सब विदेशी ही नकल थी। हाल फिल्म का सब जानते ही हैं।
१९६५ में भी एक फिल्म आयी थी गाइड विषय पर ही ,फिल्म का नाम ही "गाइड " था स्व देव साहब और वहीदा रहमान की जोड़ी थी इस फिल्म में । आर के नारायण के उपन्यास "गाइड " पर आधारित थी यह फिल्म। देव साहब राजू गाइड की भूमिका में थे और वहीदा रहमान विवाहित थी लेकिन दोनों में मोहब्बत हो जाती है। इस फिल्म को दर्शकों की भी भरपूर मोहब्बत मिली।फिल्म ही लाज़वाब थी।
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