Friday, February 28, 2014

पैसे लेकर हंसने वाले

जितने भी रीयल्टी शो , हास्य शो या किसी भी तरह के शो हों उन सभी  में दर्शक जरुर  होते हैं , जो कि बात - बात पर तालियाँ बजाते है।  खड़े होकर सवाल पूछते हैं और तो और स्टेज पर पहुँच जाते हैं फ़िल्मी कलाकारों के साथ डान्स करने के लिए।  क्या आपको पता है ये  सब कहाँ से आते हैं , क्यों बात - बात पर हंसते हैं ? क्योंकि उन्हें इसके लिए पैसे मिलते हैं।  बाकायदा उनका चुनाव किया जाता है निर्देशक द्वारा और निर्देशक उन्हें सवाल देते हैं और बताते हैं कि कैसे उन्हें ऐसा अभिनय करना जिससे दर्शको हंसी आये।


इन नकली दर्शकों की सप्लाई करने वाले एजेंट होते हैं जो कि टी वी शो और पार्टीयों में भीड़ बढ़ाने के लिए इन्हे भेजते हैं उनसे कमीशन लेकर।  इन नकली दर्शकों में आम तौर  कालेज के छात्र, संघर्ष करते मॉडल और फिल्मो में कैरियर बनाने के लिए आये हुए कलाकार होते हैं।  कार्यक्रमों की मांग के अनुसार एजेंट देसी बिदेशी सभी तरह के दर्शक उपलब्ध करवाते हैं।

इन कार्यक्रमों में खूबसूरत दिखने वाले दर्शकों को कुछ सहूलियत भी मिलती हैं जैसे उन्हें पैसे ज्यादा मिलते हैं साथ में आगे की सीटों में बैठने का मौका मिलता है। कुछ लोग तो इन कार्यक्रमो में नियमित जाते हैं क्योंकि इससे उन्हें पॉकेट मनी तो मिलती है साथ में कुछ नए लोगों के परिचय भी होता है जिसे फ़िल्मी दुनिया की भाषा में लिंक बनाना कहते हैं।

अब  तो आपको समझ में आ गया होगा किसी भी हास्य शो में जोक्स पर आपको हंसी न आये और उसमें बैठे हुए दर्शक जोर - जोर से हँसे तो उन्हें इसके लिए पैसा मिला होगा। इसके अलावा जिन दर्शकों की कपिल अपने प्रोग्राम में धज्जियाँ उड़ाये तो यह भी समझ लीजिये कि उसे उसके लिए ज्यादा कीमत मिली होगी आम दर्शकों के मुकाबले।
हाँ एक बात और भी है कि इन कार्यक्रमों में दर्शक अपनी मर्जी से हंस नही सकते उन्हें निर्देशक के कहने पर तालियां बजाना,  हंसना और शोर करना होता है।


Wednesday, February 12, 2014

सोशल मीडिया पर हास्य या मन की भड़ास

सोशल मीडिया की इन दिनों सबसे ज्यादा पूछ हो रही है।  क्या चुनाव की बाते हों यह फ़िल्म की बाते हों आज कल क्या नेता क्या अभिनेता सभी फेस बुक और ट्विटर पर दिखाई देते हैं।  किसके सबसे कितने लाइक्स और कितने फोलोअर हैं इसका जिक्र होता रहता है, कौन सी राजनितिक पार्टी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा हावी है ? आज यह किसी से भी छुपा नही है।  आम लोगों की तरह अभिनेता भी अपने पल  - पल की ख़बरें और फ़ोटो अपडेट करते रहते  हैं।  

इसी सोशल मीडिया पर जहाँ एक दूसरे की खिंचाई भी हो रही है वहीं  दूसरी इसी पर कुछ हास्य चुटकुले भी लोगों पर बनाये जा रहे हैं इसी वजह से वो लोग भी रातों रात लोकप्रिय हो गये जो कि ज्यादा लोकप्रिय नही थे।  इसी क्रम में सबसे ज्यादा जिन पर जोक्स बने हैं वो हैं सबके बाबू जी यानि आलोक नाथ इनके संस्कारी जोक्स रातों रात वायरल हुए बाबूजी मेम्स के नाम से।  वैसे तो आलोक नाथ को सभी दर्शक जानते पहचानते हैं लेकिन इन हास्य चुटकियों की वजह से अलोक नाथ को लगभग हर चैनल पर देखा जा सकता था। जितने इंटरव्यू उन्होंने अपनी फ़िल्म या टी वी धारावाहिक के लिए नही दिए होंगे उतने उन्होंने बाबू जी मेम्स के लिए दिए।  इसी तरह नील नितिन मुकेश और पुरानी अभिनेत्री निरुपा रॉय पर भी कई हास्य सोशल मीडिया पर वायरल हुए।  

अब एक नया वायरल पिछले दिनों यू टूयब पर हुआ टाइम्स नाउ के लोकप्रिय प्रस्तुत एंकर अरनब  गोस्वामी को लेकर। चैनल टाइम्स नाउ पर हर रात उनका डेढ घंटे का कार्यक्रम आता है जिसमें  वो किसी भी चर्चित विषय पर बहस करते हैं ।  आज के समय के वो सबसे ज्यादा लोकप्रिय एंकर हैं  और उनका कार्यक्रम भी सबसे ज्यादा टी आर पी वाला कार्यक्रम है।  राहुल गांधी के साथ एक साक्षात्कार के बाद अरनब के बारें में भी जोक्स और विडियो बन चुके हैं। किस तरह से अरनब इस कार्यक्रम में अपनी मनमानी करते हैं और किसी भी अतिथि को बोलने नही देते यह सब दिखाया जा रहा है। 
खैऱ कुछ भी हो सोशल मीडिया का इस तरह उपयोग अच्छा है यह केवल लोगों को हंसाने के लिए है किसी को तकलीफ देने का नही।  लोग भी इन्हें पढ़ कर और देखकर आनंद ले रहे हैं। 


हालांकि रजनीकांत के ऊपर सबसे पहले जोक्स बनने शुरू हुए थे। 

Monday, February 10, 2014

क्या दर्शक यही देखना चाहते हैं ?


आज कल टी वी के हास्य कार्यक्रम हो या हास्य फ़िल्में इन सभी में सेक्स की बातें , अश्लील या द्विअर्थी संवाद होते हैं उनके बिना क्या हास्य की  बातें नही हो सकती। चाहे वो कॉफी विध करन हो, कॉमेडी नाईट विथ कपिल हो या कॉमेडी सर्कस हो। सभी में यही सब होता है क्या वजह है इसकी ? 


कॉमेडी नाईट विध कपिल में तो पुरुष ही महिला के चरित्र अभिनीत करते हैं।  दादी जो शराब के बिना नही रह सकती।  किसी ने अपने घर में ऐसी दादी देखी है क्या ?राजू श्रीवास्तव भी बदसूरत महिला के किरदार  में नज़र आते हैं.  दो महिला अपने ही किरदारों को अभिनीत कर रही हैं लेकिन एक के होंठों की ही मजाक बनाते हैं कपिल और एक हैं उनकी बुआ जिनकी शादी नही हुई हैं जो परेशान हैं अपनी शादी को लेकर जो हर समय लालायित रहती हैं शादी के लिए कोई भी मिल जाये चाहे वो जवान हो या ७० साल का बुजुर्ग।

इसी तरह कॉफी विध करन है जिसमें करन भी हमेशा सेक्स और बेड रूम की  बातें करते हैं. अफ़सोस की बात है  कि इन दोनों ही कार्यक्रमों की टी आर पी सबसे ज्यादा  है 
क्या दर्शक यही देखना चाहते हैं ? 
 

Tuesday, January 7, 2014

शोले थ्री डी में


कल फ़िल्म "शोले" देखी थ्री डी में. बहुत रोमांचित थी इस फ़िल्म के लिए. एक वजह तो इसकी यह थी कि यह फ़िल्म थ्री डी में थी और दूसरी मैं पहली ही बार बड़े परदे पर इसे देख रही थी क्योंकि १९७५ में जब यह फ़िल्म रिलीज़ हुई थी उस समय मैं छोटी थी। हालांकि टी वी पर तो अनेकों बार देख चुकी थी।   फ़िल्म शुरू होने वाली थी मैंने अपना चश्मा पहन लिया लेकिन थ्री डी जैसा इफ़ेक्ट नज़र ही नही आया यही हाल लगभग सारे दर्शकों का था कुछ अपना चश्मा साफ़ कर रहे थे , कुछ को लगा उनका चश्मा खराब है लेकिन किसी को कुछ समझ नही आया।  ऐसे ही करीब १० मिनट तक चलता रहा।  अचानक फ़िल्म रुक गयी क्या हो रहा है कुछ समझ में नही आ रहा था।  अगर छोटे शहर के थियेटर में फ़िल्म लगी होती तो सीटियां और गालियाँ तक शुरू हो गयी होती लेकिन यहाँ कुछ हुआ नही।  क्योंकि मुम्बई में तो लोग अच्छे संवादों पर तािलयाँ बजाना भी पसंद नही करते।

१० मिनट बाद फिर से फ़िल्म शुरू हुई अबकी बार थ्री डी इफ़ेक्ट था लेकिन कुछ खास मजेदार नही था।  फ़िल्म के कुछ दृश्यों में  थ्री डी इफेक्ट था और कुछ में नही था बिना चश्में के फ़िल्म ज्यादा अच्छी नज़र आ रही थी।  जिन दृश्यों में थ्री डी की  जरुरत थी वहाँ तो थ्री डी इफ़ेक्ट था ही नही. कुछ भी हो "शोले" फ़िल्म का मज़ा आया  क्योंकि दर्शकों को फ़िल्म के सारे  संवाद  याद थे और सभी साथ में बोल भी रहे थे। 
 फ़िल्म को थ्री डी इफ़ेक्ट देने का प्रयास सरहानीय है लेकिन नही भी करते तो भी क्या था ? फ़िल्म वैसे ही बहुत अच्छी है।  

Monday, December 30, 2013

कितने रियल है ये रियल्टी शो

गौहर खान विजेता बिग बॉस - 7  
अभी - अभी ही ख़तम हुआ है रियल्टी शो बिग बॉस।  दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय था यह शो हालांकि कई बार यह विवाद में भी फंसा।  सलमान का बिग बॉस के प्रतियोगियों को लताड़ना।  कभी गलती पर  और कभी बेवजह।  कई बार उन पर पक्षपाती होने का आरोप भी लगा. लेकिन यहाँ हम  चर्चा  कर रहे हैं इस रियल्टी शो के रियल होने की।
कितना रियल था यह शो इस बार, २८ दिसम्बर को ख़तम हुआ यह  शो . जबकि २८ दिसम्बर से २ दिन पहले यानि २६ दिसम्बर को ही समाचार पत्रों में छप   गया था कि गौहर खान इस कार्यक्रम की विजेता हैं. हाथ में ट्रॉफी लिये गौहर की फ़ोटो भी लगभग सभी सोशल साइट्स आसानी से दिखाई दे रही थी. फिर भी जो दर्शक अंजान थे कि यह शो रियल नही है वोट करते रहे अपने प्रिय प्रतियोगियों को जिताने के लिये। दर्शकों को क्यों नही रोका गया। 
 इसके अलावा फायनल में जो भी डान्स परफोर्मेन्स थी उसमें भी बिग बॉस के घर के अंदर के लोग बाहर के लोगों के साथ डान्स कर रहे थे जैसे अरमान --तनीषा। कुशाल - गौहर , एंडी - अज़ाज़ खान और संग्राम। इतने सारे डांसर के साथ इन प्रतियोगियों के डांस कर रहे थे तो सोचिये कितने लोग बिग बॉस के घर के अंदर थे।
   
जब यह शो रियल हैं ही नही तो दर्शकों को  बेवकूफ बनाने की क्या कोई ख़ास वजह।  या सिर्फ पैसा कमाना ही उनका मकसद है।           
तो शो शुरू होने से पहले ही बयान जारी कर देना चाहिये कि," हालांकि यह कार्यक्रम एक सच्चा कार्यक्रम है लेकिन सच्चाई से इसका कोई भी सरोकार नही है.अगर दर्शक सच समझ कर खुद मूर्ख बने तो यह हमारी जिम्मेदारी नही है. "   

Tuesday, December 10, 2013

तनीषा ये क्या किया तुमने

तनीषा मुखर्जी यानि अपने जमाने की लोकप्रिय अभिनेत्री तनुजा की छोटी बेटी, जिसकी बड़ी बहन है काजोल और जीजा है अजय देवगन। तनीषा बिग बॉस - ७ की प्रतियोगी हैं अब जबकि बिग बॉस ख़तम होने में बहुत ही कम वक्त बचा है फिर भी तनीषा की चर्चा करनी ही होगी। तनीषा को अभिनय के सफ़र में कोई ख़ास सफलता नही मिली। उन्होंने अपनी फ़िल्मी कैरियर शुरू किया फ़िल्म "शि" , इसके बाद कुछ २ - ४ छोटी मोटी फ़िल्में की।  इनकी सबसे ज्यादा चर्चा हुई उदय चोपड़ा के साथ की गयी फ़िल्म "नील एन निक्की " के लिये।  इस फ़िल्म में तनीषा ने भरपूर अंग प्रदर्शन किया लेकिन नतीज़ा रहा ज़ीरो।  हाँ उदय और तनीषा के रोमांस के किस्से खूब हुए।  इस फ़िल्म के अलावा इन्होने बंगाली , मराठी ,तमिल और तेलुगु भाषा की भी एक एक फ़िल्म भी की। 

बिग बॉस में जब तनीषा आयी तब सभी दर्शकों को वो बहुत पसंद आयी लेकिन धीरे - धीरे उनमें बदलाव आने शुरू हो गए और इसके साथ ही दर्शक उन्हें नापसंद करने लगे।  ऐसा नही था कि पहले दर्शक उनके बहुत बड़े प्रशंसक थे कि उन्होंने शानदार फ़िल्में की  हों लेकिन उन्हें "बिग बॉस " जैसा प्लेट फॉर्म मिला था अपनी एक अलग छवि बनाने का , अपनी बहन और माँ से अलग, लेकिन वो तो पता नही क्या करने लगी।  सलमान ने भी उन्हें कहा कि बिग बॉस के कैमरे घर में सब जगह है अरमान और तनीषा प्लीज बी केयर फुल।  

किसी को प्यार करना , किसी के करीब जाना कोई भी बुराई नहीं लेकिन फिर भी सबका अपना -- अपना दिमाग और सोच होती है तभी इंसान का अपना अलग व्यक्तित्व बनता है लेकिन तनीषा ने तो जैसे अपना दिमाग खर्च करना ही बंद कर दिया जो अरमान करेगा वो भी वही करेगी। अपने लिये वो कम लड़ी जबकि अरमान के लिये वो ज्यादा लड़ती हुई दिखाई दी.  


समझ नही आता उन्हें क्या हुआ ? एक आत्म निर्भर महिला के रूप में अपनी छवि बनाने के बजाय इसमें वो अरमान की चमची ज्यादा नज़र आयीं। कभी तो अपनी समझ के मुताबिक निर्णय लेना सीखती तनीषा। जिससे उनकी माँ और बहन को भी गर्व होता। 

मनोरंजन से भरपूर है फ़िल्म आर राजकुमार


पिछले शुकवार यानि  ६ दिसंबर को  रिलीज़ हुई फ़िल्म "आर राजकुमार " . निर्देशक प्रभुदेवा व  शाहिद कपूर और सोनाक्षी सिन्हा की जोड़ी वाली इस वाली का  गीत -- संगीत खासा  लोकप्रिय हुआ  श्रोताओं  के बीच.  लेकिन समीक्षकों ने इस फ़िल्म की बहुत बखिया उधेड़ी और कईयों ने इस फ़िल्म को एक स्टार  भी नही देना उपयुक्त महसूस नही किया । कई अखबारों में इसे बकवास , कचरा तक कह दिया। एक्शन और संवाद  और डान्स से भरपूर इस फ़िल्म को क्यों समीक्षको ने नकारा मुझे समझ में नही आया जबकि ऐसी अनेकों फिल्मों को उन्होंने  २-  ३- ४ स्टार तक दिये थे
और उनकी तारीफों में अनेकों पुल भी बाँध दिये थे। अगर सच में समीक्षक बदल गए हैं तो अपना यह बदलाव आगे आने वाली फिल्मों के साथ भी रखेगें तो बहुत अच्छा होगा।


 क्या इस फ़िल्म में कोई खान नही था इसलिए या ऐसी समीक्षा करने की  कोई विशेष मजबूरी। इसी तरह कि अनेकों फिल्मों में १०० करोड़ से ऊपर की  कमाई भी की है. जबकि सबको मालूम है आज कल कौन सी फ़िल्म रिलीज़ हो रही है जिसमें किसी भी दर्शक को अपना दिमाग खर्च करने की  जरूरत होती है, आज कल रिलीज़ होने वाली अधिकतर फिल्मों को देखते समय अपना दिमाग घर ही छोड़ कर जाना सही रहता है।  फिर इस फ़िल्म के साथ दोहरा मापदंड क्यों अपनाया समीक्षको ने। 

भरपूर एक्शन , नाच - गाना और बहुत सारे कॉमेडी पंचेज भी थे इस फ़िल्म जिसे देख कर दर्शक बेहाल हुए जा रहे थे।